जिहाद क्या है?
जिहाद के कई चरण होते हैं :- सुबह जब एक मुसलमान अज़ान की आवाज़ सुन ता है तो दिल कहता है ज़रा और सोने दो और एक अंदर की आवाज जोर देकर कहते हैं, ‘उठो अल्लाह की इबादत का वक़्त हो गया है. और एक जिहाद शुरू हो जाता है इन्सान और उसके नफ्स के बीच. यह भी एक जिहाद है…. जब एक मुसलमान किसी गुनाह की तरफ या बुराई के तरफ अमादा होता है तो उनके दिल से एक आवाज़ आती है देखो तुम ग़लत कर रहे हो | यह आवाज़ बलात्कारी के पास भी आती है, चोर के पास भी आती है और ज़ालिम के पास भी आती है | इस अंतरात्मा की आवाज़ को सुन के गुनाह से खु को रोक लेना भी एक जिहाद है | समाज मैं जब बुराई बढ़ जाती है और नेकी कम हो जाती है तो भी जिहाद किया जाता है कलम के ज़रिये ,अपने लेखों के ज़रिये, समाज में ,शांति स्थापित करने और बुराइयाँ दूर करने के लिए. यह भी अल्लाह की इबादत का एक रूप है और यह कुरआन और मुहम्मद (स.अव.) की नसीहतों और हिदायतों ज़रिये ही किया जा सकता है। इस्लाम हमें बताता है कि मुसलमानों को पहले अपने स्वयं के भीतर की बुराइयों के खिलाफ जिहाद करना चाहिए, हमारे बुरी आ...