तबलीगी जमात पर मुंबई हाई कोर्ट का फैसला! पढिये।
बॉम्बे हाईकोर्ट का निर्णय। Tablighi Jamaat विदेशियों के खिलाफ FIR रद्द । धार्मिक समारोह में उपस्थिति को वीज़ा का उल्लंघन न कहें। हाईकोर्ट ने है कहा , तबलीग जमात को "बलि का बकरा" बनाया गया। जस्टिस नलवाडे ने कहा- "रिकॉर्ड से पता चलता है कि तब्लीग जमात मुस्लिम का एक अलग संप्रदाय नहीं है, लेकिन यह केवल धर्म के सुधार के लिए एक आंदोलन है। सुधार के कारण हर धर्म वर्षों में विकसित हुआ है क्योंकि समाज में परिवर्तन के कारण सुधार हमेशा आवश्यक है। किसी भी मामले में, रिकॉर्ड से भी, यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि विदेशी जमाती दूसरे धर्म के व्यक्तियों को इस्लाम में परिवर्तित नहीं कर रहे थे। रिकॉर्ड से पता चलता है कि विदेशी भारतीय भाषाओं में बात नहीं कर रहे थे जैसे हिंदी या उर्दू । वे अरबी, फ्रेंच आदि भाषाओं में बात कर रहे थे। उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर, यह कहा जा सकता है कि विदेशियों तब्लीगी जमात के लोगों का सिर्फ मुस्लिमो को सुधार करने का मकसद था, ना की दूसरे लोगों का धर्म परिवर्तन। तबलीगी जमात में भाग लेने वाले विदेशी नागरिकों के बा...